आईएन जहाज चीन के अंतर्राष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में भाग लेंगे

नईदिल्ली ,19 अपै्रल (आरएनएस)। आईएन जहाज कोलकाता और शक्ति पीएलए (नौसेना) के 70वें वर्षगांठ समारोहों के एक हिस्से के रूप में अंतर्राष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के लिए 21 अप्रैल 2019 को चीन के किंगदाओ में पहुँचने का कार्यक्रम है। अंतर्राष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू (आईएफआर) नौसेना जहाजों, विमानों एवं पनडुब्बियों का एक परेड है और इसका आयोजन राष्ट्रों द्वारा सदभावना को बढ़ावा देने, सहयोग को मजबूत बनाने और उनकी संगठनात्मक क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है। आईएफआर विश्व की नौसेनाओं के लिए उनकी क्षमता और स्वदेशी जहाज डिजाइन तथा जहाज निर्माण क्षमताओं को एक वैश्विक/अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में प्रदर्शित करने के एक आदर्श मंच का भी काम करती है। भारत द्वारा फरवरी 2016 में विशाखापट्टनम आयोजित दूसरे आईएफआर में लगभग 100 जंगी जहाजों के साथ 50 नौसेनाओं की शानदार भागीदारी देखी गई थी।
किंगदाओ में आईएफआर में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व स्वदेशी रूप से निर्मित स्टेलथ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक आईएनएस कोलकाता और फ्लीट स्पोर्ट जहाज आईएनएस शक्ति द्वारा किया जायेगा। आईएनएस कोलकाता नौसेना युद्ध के सभी आयामों में खतरों से निपटने के लिए अत्याधुनिक हथियारों और संवेदकों से लैस है। आईएनएस शक्ति एक पुन:पूर्ति जहाज है जो 27000 टन से अधिक डिसप्लेस करने वाले सबसे बड़े टंकरों में से एक है और यह 15 हजार टन तरल माल तथा खाद्यानों एवं गोला बारूद सहित 500 टन से अधिक ठोस माल ढो सकता है। भारतीय नौसेना के सबसे शक्तिशाली विध्वंसक एवं बहुमुखी फ्लीट स्पोर्ट जहाज की यात्रा भारत की शक्ति, पहुंच और स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता के अतिरिक्त निरन्तरता को भी प्रदर्शित करती है।
आईएन जहाजों के बन्दरगाह प्रवास के दौरान प्रतिभागी नौसेनाओं के अधिकारियों के बीच परस्पर बातचीत, पीएलए (एन) के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों तथा सरकारी अधिकारियों के साथ शिष्टाचार वार्ता, व्यावसायिक आदान-प्रदान तथा विभिन्न प्रकार की खेल स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा। जहाजों को भारतीय नौसेनाओं की वीरता एवं भारतीय की जहाज निर्माण क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए पीएलए (नौसेना) अधिकारियों तथा स्थानीय लोगों के अवलोकन के लिए खोला जायेगा। जहाजों के नौसेना परेड में इन जहाजों के भाग लेने के लिए इनके 22 अप्रैल की शाम तक जल यात्रा करने की उम्मीद है जिसके बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग द्वारा 23 अप्रैल को इनका पुनरावलोकन किये जाने का कार्यक्रम है।
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