पुरानी डीजल एवं पेट्रोल गाडिय़ां पार्क भी नहीं की जा सकती

नई दिल्ली ,18 जनवरी (आरएनएस)। राष्ट्रीय हरित न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों के बाद कई नए खुलासे हुए हैं जो आम जनता के लिए अति महत्व्पूर्ण हैं, रंजन तोमर ने यह जानने की कोशिश की थी के क्या दस वर्ष से पुराने डीजल एवं 15 वर्ष से पुराने पेट्रोल वाहन दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में आ जा सकती हैं अथवा नही, इसके जवाब में दिल्ली सरकार के जन सूचना अधिकारी ने कई खुलासे किये हैं।
राष्ट्रीय हरित न्यायालय के आदेश अनुसार दस वर्ष से पुराने डीजल वाहन एवं 15 वर्ष से ऊपर कैसे भी वाहन दिल्ली एवं एनसीआर क्षेत्र में चलने नहीं दिए जाएंगे, एवं दस वर्ष से पुराने डीजल वाहनों को दूसरे शहरों में चलने के लिए भी एन ओ सी लेनी होगी। इसके साथ साथ जवाब में एक सरकारी आदेश भी भेजा गया है जो 30 अक्टूबर 2018 को जारी किया गया था, जिसके अनुसार वर्धमान कौशिक बनाम भारत सरकार केस में राष्ट्रिय हरित न्यायालय के आदेशानुसार 10 वर्ष से पुराने डीजल एवं 15 वर्ष से पुराने पेट्रोल वाहनों को दिल्ली एनसीआर पर चलने की मनाही है एवं यदि ऐसे कोई वाहन यहाँ पकडे जाते हैं तो उनके खिलाफ सीज करने की कार्यवाही की जायेगी। इसके साथ ही पब्लिक रोडों पर 15 वर्ष से पुराने वाहन खड़े भी नहीं होने दिए जाएंगे।
इसी प्रकार के आर्डर उच्चतम न्यायालय ने एमसी मेहता बनाम भारत सरकार रिट संख्या 13029-1985 में 29 अक्टूबर 2018 को आये आदेश में कहा है के राष्ट्रीय हरित न्यायालय के 7/4/2015 के आदेशानुसार डीजल के दस एवं पेट्रोल के पंद्रह वर्ष पुराने दिल्ली क्षेत्र में नहीं चलने दिए जाएंगे। उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिए के इन मानकों का पालन नहीं करने वाले वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा, इन सभी वाहनों की लिस्ट दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग एवं सीपीसीबी की वेबसाइट पर डाली जाएंगी। जहाँ यह जानकारियां पर्यावरण प्रेमियों के लिए खुशी की खबर लेकर आयी हैं, वहीँ दूसरी ओर उन वाहन मालिकों के लिए झटका है जो यह सोच कर बैठे थे के उच्चतम न्यायालय से कुछ राहत उन्हें मिल सकती है अथवा किसी बाहरी क्षेत्र में रजिस्टर करवा एनसीआर में गाडी चलाकर बच पाएंगे।
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