शीतकालीन सत्र में राम मंदिर पर विपक्ष लामबंद

नई दिल्ली ,03 दिसंबर (आरएनएस)। 5 राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के बाद शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र के लिए विपक्षी पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है।
आगामी 11 दिसंबर से शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है, इससे पहले 10 दिसंबर को विपक्षी पार्टियों ने एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में शीतकालीन सत्र की रणनीति पर मंथन किया जाएगा। विपक्ष की ये बैठक संसद भवन में ही होगी। सूत्रों के अनुसार जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी राम मंदिर के मुद्दे पर आक्रामक है, उसी को देखते हुए विपक्षी पार्टियां अपनी रणनीति तैयार कर रही हैं। बैठक में इस बात पर भी विचार होगा कि अगर इस मुद्दे पर अध्यादेश लाया जाता है तो उनका क्या रुख होगा। वामदल नेता डी. राजा ने कहा कि हम इस बैठक में राम मंदिर मुद्दे पर भी चर्चा करेंगे। जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है तो इस पर अध्यादेश लाने की बात कैसे हो सकती है। भारत एक सेकुलर देश है, तो सरकार इस पर अध्यादेश कैसे ला सकती है? उन्होंने कहा कि बीजेपी को इस मुद्दे पर अपनी बात साफ करनी चाहिए। गौरतलब है कि वामदल 6 दिसंबर को संविधान बचाओ प्रदर्शन भी करने वाली हैं। संयुक्त विपक्ष की इस बैठक में राम मंदिर के अलावा अन्य चार मुद्दों पर भी बात होगी। इसमें किसान, नौकरी, राफेल और संस्थाओं को कमजोर करने का मुद्दा भी उठाया जाएगा। एक शीर्ष कांग्रेस नेता के अनुसार, राफेल डील में कई सबूत सामने आ गए हैं, लेकिन प्रधानमंत्री खामोश हैं. हम इस सेशन में भी इसपर ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी जांच की मांग करेंगे।
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