मुख्यमंत्री का हर वर्ग से होगा संवाद, प्रयास के बच्चों के साथ करेंगे बातचीत

बच्चों के साथ करेंगे लंच, उद्योगपतियों से होगी चर्चा, कामकाजी हॉस्टल का लोकार्पण करेंगे, महिलाओं से होंगे रूबरू

अमृत मिशन योजना के फेस-1 का शुभारंभ

सर्जिकल विंग और हमर लैब, ट्रांजिट हॉस्टल, प्रयास हॉस्टल भवन और
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के नये भवन का लोकार्पण

रायपुर, 21 अप्रैल (आरएनएस)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल कल 22 अप्रैल को दुर्ग शहर में महती अधोसंरचनाओं के लोकार्पण करेंगे। वे इनसे लाभान्वित होने वाले वर्गों से संवाद भी करेंगे। प्रयास हास्टल के लोकार्पण के दौरान वे छात्र-छात्राओं से क्लासरूम इंटरैक्शन भी करेंगे। मुख्यमंत्री बच्चों के साथ संवाद के साथ ही लंच भी उन्हीं के साथ करेंगे। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र में जिले के उद्योग संगठनों के पदाधिकारियों और उद्योगपतियों से औद्योगिक परिदृश्य पर चर्चा करेंगे। कामकाजी हास्टल में दुर्ग शहर के पार्षदगणों से भी मुख्यमंत्री मिलेंगे। इसके बाद प्रमुख लोकार्पित स्थलों का लोकार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री गंज मंडी में सभास्थल में नागरिकों को संबोधित भी करेंगे।
32 हजार परिवारों की पेयजल की समस्या होगी दूर- पेयजल शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री अमृत मिशन की योजना का लोकार्पण करेंगे। 140 करोड़ रुपए की इस योजना के माध्यम से 32000 परिवारों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी। इसके अंतर्गत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के रिनोवेशन के साथ ही पाइपलाइन विस्तारीकरण तथा पांच टंकियों का निर्माण कार्य भी शामिल है।
सर्जिकल विंग और हमर लैब– सात करोड़ रुपए की लागत से बनी हाइटेक सर्जिकल यूनिट का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री करेंगे। इसमें दस बेड आईसीयू के होंगे। हाइटेक सर्जिकल यूनिट के साथ ही क्रिटिकल केयर की सुविधा से जिला चिकित्सालय में चिकित्सकीय सुविधाओं के अपडेटेशन की दिशा में बड़ा काम  हुआ है। 50 लाख रुपए की लागत से तैयार हमर लैब का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री करेंगे।
ट्रांजिट हास्टल की मिल सकेगी सुविधा– दस करोड़ 41 लाख रुपए की लागत से ट्रांजिट हास्टल भी तैयार किया गया है। यहां 54 यूनिट में लोगों के रहने की सुविधा है जिसमें बेडरूम, ड्राइंग रूम, किचन और गैलरी हर यूनिट में रखे गये हैं। यहां छह स्टाफ क्वाटर भी रखा गया है। बाहर से आने वाले अधिकारियों के लिए यह सुविधा रखी गई है ताकि आवास आवंटित होने तक यहाँ रहा जा सके।
वर्किंग वुमन के लिए भी रहवासी सुविधा–  कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए वर्किंग वुमन हास्टल भी तैयार किया गया है। तीन करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से बने इस हॉस्टल में 100 कामकाजी महिलाओं को रहने की सुविधा मिलेगी।
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र को मिलेगा नया भवन– सवा चार करोड़ रुपए की लागत से बने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के नये भवन का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री करेंगे। यह भवन जी प्लस 2 माडल पर तैयार किया गया है। ग्राउंड फ्लोर पर जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र संचालित होगा। ऊपर के दो फ्लोर में अन्य विभागीय दफ्तरों का संचालन होगा।
स्मृति नगर में टेनिस कोर्ट– स्मृति नगर में 50 लाख रुपए की लागत से टेनिस कोर्ट बनाया गया है। मुख्यमंत्री इसका लोकार्पण भी करेंगे।
गंज मंडी में होगी आमसभा- गंज मंडी में इस अवसर पर आमसभा का आयोजन होगा। आमसभा में नगर निगम दुर्ग के 10 करोड़ रुपए के लागत के 88 कार्यों का, पीएचई विभाग के 21 करोड़ 70 लाख रुपए के लागत के 20 कार्यों का, स्वास्थ्य विभाग के 3 करोड़ 70 लाख रुपए के 6 कार्यों का तथा शिक्षा विभाग के 60 लाख रुपए के एक कार्य का भूमिपूजन होगा। सभा में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत एक से तीन साल तक के ढाई किलोग्राम से कम वजन वाले बच्चों की माताएं तथा 9 यूनिट से कम हीमोग्लोबिन वाली माताओं के लिए गर्मभोजन का कार्यक्रम आंगनबाड़ियों में चलाये जाने की शुरूआत होगी। इसके साथ ही किशोरियों के हीमोग्लोबिन जांच के अभियान की भी शुरूआत होगी।
सेरेब्रल पाल्सी के बच्चों के पोषण के लिए आशा अभियान होगा आरंभ
सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों के पोषण व्यवस्था को सुधारने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अभिनव पहल की गई है। इस पहल को आशा अभियान अंतर्गत आरंभ किया गया है। अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जिला अस्पताल के सर्जिकल यूनिट से करेंगे। वे पांच सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों से मिलेंगे। इस अभियान की फंडिंग डीएमएफ के द्वारा की गई है। इस अभियान अंतर्गत अब तक 61 बच्चों को चिन्हांकित किया गया है। अभियान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग की मदद से चलाया जाएगा। अभियान की समन्वयक डॉ. सोनाली श्रीवास्तव होगी। उनकी टीम हर बच्चे पर सौ घंटे का गहन काम करेगी। उल्लेखनीय है कि सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों को कुपोषण की समस्या अधिक होती है और रणनीतिबद्ध रूप से काम न किया जाए तो उनमें कुपोषण की वजह से तेजी से स्वास्थ्य में गिरावट आती है। ऐसे में आशा अभियान इन बच्चों के पोषण के लिए वरदान साबित होगा।