ऊर्जा मंत्रालय की अक्षय ऊर्जा पारेषण योजनाओं को जल्द नियामकीय अनुमति दिये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी

नईदिल्ली,18 जुलाई (आरएनएस)। भारत में नवीकरणीय ऊर्जा का फैलाव करने के लिए, केंद्रीय विद्युत और नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा और कौशल विकास तथा उद्यमिता राज्य मंत्री आर. के. सिंह ने 66.5 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए पहचानी गई ट्रांसमिशन योजनाओं के लिए केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
विद्युत मंत्रालय के आदेशानुसार पर्यावरण पर पेरिस समझौते के मुताबिक लिए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान देने के अंतर्गत भारत द्वारा की गई प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए आवश्यक कदमों के तहत, भारत सरकार ने देश में वर्ष 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमताओं का 175 गीगावाट स्थापित करने का फैसला किया है। मई 2019 तक नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन का करीब 80 गीगावाट काम में लाया जाने लगा है और शेष 95 गीगावाट अगले 3 वर्ष में काम में लाया जाएगा। इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए, एमएनआरई ने सीईए और सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटीलिटी (सीटीयू) के साथ विचार-विमर्श करके नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के करीब 66.5 गीगावाट के लिए ट्रांसमिशन योजनाओं की पहचान की। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के 175 गीगावाट की स्थापना के राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा मिशन के तहत पहले चरण के अंतर्गत करीब 28 गीगावाट और दूसरे चरण के अंतर्गत करीब 38.5 गीगावाट शामिल है।
नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की निर्माण अवधि ट्रांसमिशन सुविधाओं के कार्यान्वयन की तुलना में काफी कम है और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की पर्याप्त मात्रा को वर्तमान वित्त वर्ष के लिए रखा गया है। नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की ट्रांसमिशन योजना और कार्यान्वयन की वर्तमान प्रणाली को मिशन मोड में रख़ा गया है। ट्रांसमिशन का कार्य उत्पादन से काफी पहले शुरू हो जाना चाहिए ताकि दोनों सरकार द्वारा तय लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलती-जुलती समय सीमा में पूरा हो सके। सरकार ने फैसला किया है कि वह नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के उपर्युक्त 66.5 गीगावाट के लिए पहचानी गई ट्रांसमिशन योजनाओं के अनुरूप हों। इसमें राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं के रूप में पहले चरण में करीब 28 गीगावाट और दूसरे चरण में 38.5 गीगावाट शामिल हैं। तदनुसार केंद्र सरकार ने विद्युत कानून, 2003 की धारा 107 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रीय महत्व कई इन परियोजनाओं के संबंध में केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग को निम्नलिखित निर्देश दिये।
नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के 12.5 गीगावाट से जुड़ी ट्रांसमिशन प्रणाली के लिए पहले चरण में नियामक मंजूरी जिसके लिए सीटीयू सीईआरसी को पहले ही आवेदन कर चुका है। इसके लिए नियामक मंजूरी के लिए सीटीयू के आवेदन को जमा करने पर पहले चरण में शेष 15.5 गीगावाट और दूसरे चरण में 30.5 गीगावाट के लिए तेजी से नियामक मंजूरी। नवीकरणीय ऊर्जा के 66.5 गीगावाट के अंतर्गत शेष नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लिए संबद्ध ट्रांसमिशन प्रणालियों का कार्यान्वयन करने के लिए एलटीए आवेदनों और सम्बद्ध बैंक गारंटी की पूर्व आवश्यकता को नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना सफल बोलीदाता को प्रदान करने तक अंतरिम अवधि के लिए निरस्त रखा जाएगा। तथापि यह स्पष्ट किया गया है कि सफल बोलीदाता द्वारा एलटीए और कनेक्टीविटी की उचित नियामक प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
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