मारे गए आतंकियों के आंकड़े पर सरकार और विपक्ष में ठनी

नई दिल्ली ,04 मार्च (आरएनएस)। आतंकवाद के खिलाफ सरकार और सेना के समर्थन में एकजुट होने का दम भरने वाले सियासीदानों ने अब वायु सेना की आतंकी कैंपों को तबाह करने के सबूत मांग कर सुरक्षाबलों पर संदेह करके सरकार पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिये हैं, जिसके कारण सरकार और विपक्ष आमने सामने हैं।
पुलवामा हमले के बाद आतंक पर कार्रवाई करते हुए भारतीय वायु सेना ने 26 फरवरी को पीओके स्थित आतंकी ठिकानों पर हवाई हमला किया था। इस हमले के बाद से ही पाकिस्तान और भारत दोनों ओर से अलग-अलग दावे किए गए। इसी बीच भारतीय राजनीति में भी इस वक्त दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर अलग-अलग बयान दिए जा रहे हैं। जहां सत्ता में बैठी भाजपा हमले में अधिक आतंकियों के मारे जाने का दावा कर रही है, वहीं अन्य पार्टियां इस पर सबूतों की मांग कर रही है। विपक्ष द्वारा एयर स्ट्राइक पर उठाए जा रहे सवालों पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि हवाई हमला उन पर हुआ जिन्होंने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली। अनपढ़ लोगों की कमी नहीं है, जो देश पर विश्वास नहीं करते, लेकिन अधिकतर लोग देश पर गर्व करते हैं। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नक्वी ने कहा कि चोट जो है वो आतंकवाद और पाकिस्तान को लगी है, चीख कांग्रेस की निकल रही है। एक तरफ पाकिस्तान सवाल पूछ रहा है, दूसरी तरफ कांग्रेस सबूत मांग रही है। ये कांग्रेस और पाकिस्तान की जो जुगलबंदी है वो अजीब बात है।
कांग्रेस पीएम से मांग रही है जवाब
कांग्रेस के दूसरे वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने एयर स्ट्राइक पर कहा, ष्प्रधानमंत्री को अतंरराष्ट्रीय मीडिया की उस रिपोर्ट पर जवाब देना चाहिए जिसमें कहा गया है कि मुश्किल से बालाकोट में किसी की मौत हुई है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि भारत के एक गौरवान्वित नागरिक के तौर पर उन्हें पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकी शिविर पर की गई वायुसेना की करवाई पर पूरा विश्वास है, लेकिन वहां 300-350 लोगों के मारे जाने की यह संख्या किसने बताई है। उन्होंने कहा कि वायु सेना के वायस एयर मार्शल ने कार्रवाई में मारे गए लोगों की संख्या के बारे में टिप्पणी करने से इनकार किया। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि कोई आम व्यक्ति और सैनिक हताहत नहीं हुआ। फिर किसने मारे गए लोगों की संख्या 300-350 बताई? 28 फरवरी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सरकार से पूछा था कि वह एयर स्ट्राइक के स्थान की सटीक जानकारी दें और बताए कि कितने लोग मारे गए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने शाह के बयान पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि एयर वाइस मार्शल आरजीके कपूर का कहना है कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि आतंकी शिविरो पर किए गए हवाई हमलों में कितने लोग मारे गए हैं। अमित शाह का कहना है कि एयर स्ट्राइक में 250 आतंकी मारे गए हैं। क्या यह राजनीति के लिए की गई एयर स्ट्राइक नहीं हैं? नवजोत सिंह सिद्धू भी पाकिस्तान के एजेंट की तरह सरकार पर निशाना साध रहे हैं।
शाह ने कहा कि 250 आतंकी मारे गए
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि भारतीय वायुसेना द्वारा पुलवामा आतंकी हमले के 13वें दिन की गई एयर स्ट्राइक में 250 आतंकी मारे गए हैं। लक्ष्य जीतो कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने पिछले पांच सालों में आतंक पर किए गए दो स्ट्राइक को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने कैसे आतंक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। शाह ने कहा कि पांच सालों में दो बड़ी घटनाएं उरी और पुलवामा में हुईं। उरी हमले के बाद हमारी सेना पाकिस्तान में घुसी और सर्जिकल स्ट्राइक की और हमारे जवानों की मौत का बदला लिया। पुलवामा हमले के बाद हर किसी ने यही सोचा कि इस बार सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की जा सकेगी। तो अब क्या होगा? इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 13वें दिन एयर स्ट्राइक (हवाई हमला) की और 250 आतंकियों को मार गिराया, वो भी हमें बिना कोई नुकसान पहुंचे।
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