संसद में गूंजा उत्तराखंड व यूपी में जहरीली शराब से मौतों का मुद्दा

नई दिल्ली ,11 फरवरी (आरएनएस)। संसद के बजट सत्र के दौरान सोमवार को राज्यसभा में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब से हुई दर्जनों मौतों के मुद्दे, कर्नाटक में कर्नाटक में विधायकों की कथित खरीद फरोख्त, आंध्र और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष का हंगामा जारी रहा। इस हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लएि स्थगित कर दी गई। हंगामे के कारण राज्यसभा में एक भी दिन प्रश्नकाल व शून्यकाल नहीं हो सकें हैं और नहीं अन्य विधायी कार्य हो पाया है।
राज्यसभा में सोमवार को शुरू हुई कार्यवाही के दौरान ही सभापति एम. वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसी दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अनिवासी भारतीय विवाह पंजीकरण विधेयक 2019 और केंद्रीय जनजातीय मंत्री जुएल ओराम ने संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (तीसरा संशोधन) विधेयक 2019 पेश किया, इस पर कुछ सदस्यों ने विधेयक पेश किए जाने पर आपत्ति जताई। इसी बीच तेदेपा के सदस्य आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करते हुए आसन के समीप आ गये। वहीं अपने स्थानों से ही कांग्रेस सांसदों ने कर्नाटक में विधायकों की कथित खरीद फरोख्त को लेकर नारेबाजी शुरु कर दी। इसी दौरान सपा और बसपा के सदस्यों ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत का मुद्दा उठाते हुये इस पर चर्चा कराने की मांग की। जबकि तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने अपने एक विधायक की हत्या का मुद्दा उठाया। नायडू ने हंगामा करते सदस्यों से शांत रहने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। जब हंगामा नहीं थमा तो सदन की कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दिया गया। इस कारण राज्यसभा में सोमवार को भी प्रश्नकाल व शून्यकाल नहीं हो सके।
उच्च सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे शुरु होने पर उपसभापति हरिवंश ने सदन को सूचित किया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कल मंगलवार को सुबह दस बजे संसद के केन्द्रीय कक्ष में पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र का अनावरण करेंगे। उन्होंने इस मौके पर सभी सदस्यों से उपस्थित रहने की अपील की। इसके बाद जैसे ही उपसभापति हरिवंश ने भाजपा के भूपेन्द्र यादव से राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर आगे चर्चा शुरु करने के लिये कहा, तभी विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्य अपने अपने मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। इस हंगामे के कारण राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर आगे चर्चा फिर लटकी रह गई। इस दौरान हरिवंश ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति में सदन की कार्यवाही को सुचारु बनाने पर सहमति कायम होने के बावजूद बैठक को नहीं चलने देना दुर्भाग्यपूर्ण है। हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने दो बज कर करीब पांच मिनट पर सदन की बैठक दिन भर के लिये स्थगित कर दी। उल्लेखनीय है कि उच्च सदन में विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के हंगामे के कारण पिछले लगातार छह दिन से बैठक सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है
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