राजधानी की हवा हुई बेहद जहरीली

नई दिल्ली ,12 दिसंबर (आरएनएस)। देश की राष्ट्रीय राजधानी की हवा बेहद जहरीली है। अगर आपके घर में एयर प्यूरीफायर नहीं है और इंडोर पल्यूशन भी है, तब भी बाहर निकलने से अधिक सेफ आप घर पर ही हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, दिल्ली की हवा में बेंजीन और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का बढ़ा हुआ स्तर स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा हैं। ये पीएम 2.5 से भी कहीं ज्यादा बुरा असर डाल रही हैं।
राजधानी दिल्ली के ज्यादातर इलकों में बेंजीन का स्तर 2 से 3 गुना ज्यादा बढ़ है। बेंजीन की मात्रा सबसे अधिक 14.5, जहांगीरपुरी में 13.6, वजीरपुर में 12.9, अशोक विहार में 16.3, रोहिणी में 9.2, सोनिया विहार में 15.2, पूंठखुर्द में 10.7 एमजीसीएम है। जबकि इसकी तय मात्रा सिर्फ 5 एमजीसीएम है।
अगर नाइट्रोजन डाइऑक्साइड की बात करें, तो पंजाबी बाग में 154.9, रोहिणी में 167.7, सोनिया विहार में 143.4, नेहरू नगर में 135.5 एमजीसीएम रहा। जबकि इसकी तय मात्रा 80 एमजीसीएम है। इसके अलावा, पीएम 2.5 का स्तर भी वजीरपुर में 574, अशोक विहार में 575, ओखला फेज-टू में 554, रोहिणी में 642, विवेक विहार में 520 एमजीसीएम दर्ज हुआ, जबकि इसकी सामान्य मात्रा महज 60 एमजीसीएम है।
वहीं, पीएम 10 का स्तर भी आनंद विहार में 630, जहांगीरपुरी में 934, वजीरपुर में 1066, रोहिणी में 948, सोनिया विहार में 753 एमजीसीएम रहा। जबकि इसकी तय मात्रा महज 100 एमजीसीएम है।
अगर आप घर में लकड़ी, कोयले या मिट्टी के तेल आदि का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो बेंजीन और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड से बचे रह सकते हैं। इन गैसों की वजह से सिरदर्द, चिड़चिड़ापन, तनाव, सांस लेने में परेशानी, घबराहट, पसीना, नींद न आना, आंखों में जलन, भूख न लगना, बेवजह थकान होना जैसी समस्याएं होती हैं।
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