वर्ष 2025 तक तैयार होगी छत्तीसगढ़ के विकास की बुलंद इमारत : डॉ. रमन सिंह

महासमुंद, 07 सितंबर (आरएनएस)। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि गांव, गरीब, किसानों की बेहतरी के लिए राज्य सरकार द्वारा पिछले 15 वर्षों में किए गए कार्यों से प्रदेश में विकास की बुनियाद तैयार हुई है। इस बुनियाद पर अटल दृष्टि पत्र के अनुरूप वर्ष 2025 तक छत्तीसगढ़ के विकास की बुलंद इमारत तैयार होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ वर्ष 2025 तक देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल होगा। छत्तीसगढ़ का सकल घरेलू उत्पाद आज की तुलना में दोगुना होगा। हर गांव में सड़क और इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य की और भी बेहतर सुविधाएं होंगी। छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार होगा और बड़े शहर एयर कनेक्टिविटी से जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री आज प्रदेशव्यापी अटल विकास यात्रा के दौरान जिला मुख्यालय महासमुंद में आयोजित विशाल आमसभा को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विकास यात्रा छत्तीसगढ़ के निर्माता और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गरीब परिवारों को एक रूपए किलो में चावल देने की मुख्यमंत्री खाद्यान्न सुरक्षा योजना, पीढिय़ों के लिए तैयार की गई है। आने वाले समय में भी छत्तीसगढ़ में कोई भूखा नहीं सोएगा। डॉ. सिंह ने इस अवसर पर महासमुंद में नहर लिंक सड़क के निर्माण के लिए दस करोड़ 50 लाख रूपए की स्वीकृति की घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही इस क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी यह मांग पूरी हो जाएगी। डॉ. सिंह ने बताया कि बागबाहरा की स्वागत सभा में वहां के आईटीआई के नये भवन की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने महासमुंद जिले की लक्ष्मी साहू को संचार क्रांति योजना (स्काई) योजना के तहत दस लाखवां स्मार्टफोन वितरित किया। डॉ. सिंह ने महासमुंद की आमसभा में लगभग 254 करोड़ रूपए की लागत के 45 विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने इनमें से 218 करोड़ 37 लाख रूपए की लागत से नये स्वीकृत 33 कार्यों का शिलान्यास और लगभग 36 करोड़ रूपए की लागत के 12 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। डॉ. सिंह ने केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को सामग्री और सहायता राशि के चेक वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महासमुंद मेहनतकश किसानों का जिला है। जब किसान के पसीने की बूंद गिरती है, तो धान का दाना पैदा होता है। किसानों के परिश्रम को सम्मान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धान के समर्थन मूल्य में 200 रूपए की वृद्धि की है।

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