ब्यूरोक्रेसी में होता है बंधन इसलिए राजनीति में आया : ओपी चौधरी

रायपुर, 30 अगस्त (आरएनएस)। आईएएस की नौकरी छोड़कर बीजेपी का दामन थामने के बाद आज राजधानी लौटे ओपी चौधरी का एयरपोर्ट और बीजेपी दफ्तर एकात्म परिसर में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। इसके बाद पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी ने एकात्म परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि मां के साथ पेंशन लेने जाने पर पहली बार 8 साल की उम्र में रायगढ़ जिले में कलेक्टर को देखा। कलेक्टर जो बोलता है ओ काम हो जाता है। बस यहीं से बचपन में कलेक्टर बनने का सपना देखा और अपनी मेहनत व लगन के दम पर आईएएस की नौकरी मिली। छत्तीसगढ़ में आईएएस बनने के बाद जांजगीर, कोरबा, दंतेवाड़ा, रायपुर सहित कई जिले में डिप्टी कलेक्टर, सीईओ, कमिश्रर के पद पर रहकर लोगों के लिए बेहतर से बेहतर कार्य किया। 13 साल की नौकरी में सीधे लोगों से जुड़ता हूँ। लेकिन अब मंत्रालय के एसी चेंबर में बैठने का मौका था। जो मुझे रास नहीं आया। राजनिती में आने का विचार बनाया। ताकी अपनी माटी के लिए कार्य करता रहूं। श्री चौधरी ने कहा कि बस्तर में नमक के लिए शोषण होता था। जिसे प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के अंत्योदय की सोच से आज पीडीएस के माध्यम से नामक व चावल मिल रहा है। बीजेपी ज्वाइंन करने के सवाल पर चौधरी ने कहा कहा कि मैं अटल बिहारी वाचपेयी से काफी इंस्पायर हूँ। यदि कोई पार्टी इस देश को आगे ले जा सकती है तो वह बीजेपी है, यही पार्टी है जहां कवर्धा का पार्षद आज प्रदेश का सीएम है और बडऩगर का चायवाला देश का पीएम है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्यूरोक्रेसी में बंधन होता है। सिस्टम को नेता चलाते हैं। लोकतंत्र में राजनीति की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है। डेमोक्रेसी में पालिटिकल स्टक्चर ही ब्यूरोक्रेसी स्टक्चर को विजन देता है। अगर पालिटिकल स्टक्चर सही न हो तो एडमिनिस्टेटीव स्टक्चर कोलेप्स कर जाएगा। सिस्टम में अच्छे राजनेता हो तो सैकड़ों प्रशासन तैनात किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज अच्छे प्रशासक भी डीप्रेश में हैं।

 

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