लक्ष्मणझूले से बढ़ेगी राजिम माघी पुन्नी मेला की भव्यता: पर्यटकों को मिलेगी बेहतर आवागमन की सुविधा

लक्ष्मणझूला 33.12 करोड़ रूपए की लागत से किया गया है तैयार

धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी राजिम को मिली बड़ी सौगात

लक्ष्मणझूले से बढ़ेगी राजिम माघी पुन्नी मेला की भव्यता: पर्यटकों को मिलेगी बेहतर आवागमन की सुविधा

लक्ष्मणझूले से बढ़ेगी राजिम माघी पुन्नी मेला की भव्यता: पर्यटकों को मिलेगी बेहतर आवागमन की सुविधा

रायपुर, 01 मार्च (आरएनएस)।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राजिम में नवनिर्मित लक्ष्मणझूला (सस्पेंशन ब्रिज) आम जनता को समर्पित किया। त्रिवेणी संगम के समीप बने इस झूले से राजिम के राजीव लोचन मंदिर से कुलेश्वर महादेव मंदिर और लोमश ऋषि आश्रम आपस में जुड़ जाएंगे। धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध राजिम के लिए लक्ष्मणझूला एक बड़ी सौगात है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने 33.12 करोड़ रूपए की लागत से तैयार किए गए इस बहुप्रतिक्षित लक्ष्मणझूला को समर्पित करते हुए अंचल के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इस झूले से राजिम पुन्नी मेला को और भव्यता मिलेगी। इससे यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। उल्लेखनीय है कि पर्यटकों को राजीव लोचन मंदिर से कुलेश्वर महादेव मंदिर या लोमष ऋषि आश्रम से कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक पहुंचने के लिए पैदल मार्ग से ही नदी पार करके जाना पड़ता था, जो बरसात के दिनों में अत्यंत जोखिमभरा था। महानदी पर निर्मित यह ब्रिज अपनी वास्तुकला के कारण काफी आकर्षक है इसमें रोशनी के लिए आधुनिक एवं सुसज्जित प्रकाश व्यवस्था है। जिसके कारण रात को भी पर्यटकों का आवागमन सुगमता से हो सकता है। राजिम संगम स्थल पर निर्मित यह सस्पेंशन ब्रिज राज्य के बाहर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा, जिससे इस पौराणिक स्थल का ख्याति दूर-दूर तक फैलेगी एवं लगातार पर्यटकों की वृद्धि होगी। इस सस्पेंशन ब्रिज की चौंडाई 3.25 मीटर है तथा लंबाई 610 मीटर है। इस अवसर पर धर्मस्व मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, राजिम विधायक श्री अमितेश शुक्ल, अभनपुर विधायक श्री धनेन्द्र साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।