जांजगीर-चांपा जिले के अन्नदाताओं ने अपने पसीने से धान उत्पादन का बनाया कीर्तिमान: डॉ. रमन सिंह

रायपुर, 01 जून (आरएनएस)। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि जांजगीर-चांपा जिले के अन्न दाताओं ने अपने पसीने से धान उत्पादन का कीर्तिमान बनाया है। यह किसानों की ही ताकत है कि आज छत्तीसगढ़ देश के छह राज्यों को चावल खिलाता है। मुख्यमंत्री ने आज प्रदेशव्यापी विकास यात्रा के दौरान जांजगीर में आयोजित आमसभा को संबोधित करते हुए इस आशय के विचार प्रकट किए। उन्होंने कहा कि यह जिला विकास के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। जाज्वल देव प्रथम की नगरी के नाम से प्रसिद्ध दसवीं शताब्दी की यह नगरी संस्कारधानी भी है। जांजगीर-चांपा जिला कृषि उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश का अग्रणी जिला है। मैं अन्नदाताओं को प्रणाम करता हूं। कभी पलायन की पहचान वाला यह क्षेत्र आज धान उत्पादन में सबसे आगे है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लगभग 245 करोड़ 77 लाख रूपए की लागत के 65 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने इनमें 19.32 करोड़ की लागत से 16 कार्याें का लोकार्पण और 226 करोड़ 45 लाख रूपए के 49 कार्याें का शिलान्यास किया। उन्होंने 125 करोड़ 84 लाख रूपए की लागत से बनने वाली सीपत-बलौदा-उरगा सड़क और 68 करोड़ 93 लाख रूपए की लागत से बनने वाले जांजगीर-पामगढ़ मार्ग का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने आमसभा में जांजगीर-चांपा जिले के लगभग एक लाख 36 हजार किसानों को 200 करोड़ का धान बोनस लैपटॉप पर बटन दबाकर उनके खाते में जमा किया। इन किसानों में जांजगीर क्षेत्र के 36 हजार किसान भी शामिल हैं, जिन्हें 53.15 करोड़ रूपए का धान बोनस दिया गया है। डॉ. सिंह ने 9956 परिवारों को आबादी पट्टा और 12 हजार ग्रामीणों को विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं में सामग्री और सहायता राशि के चेेक और श्रमिकों को 52 सौ सायकिल और 6300 श्रमिकों को औजार और सुरक्षा उपकरण वितरित किए।
जांजगीर सहित विकास यात्रा के मार्ग पर जनता द्वारा किए गए ऐतिहासिक स्वागत से अभिभूत मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि जब 44-45 डिग्री की चिलचिलाती धूप में सड़क के किनारे 80 वर्ष की वृद्धामाता दोनों हाथ उठाकर आशीर्वाद देती है, तो लगता है कि उनके आशीर्वाद से ही छत्तीसगढ़ में एक रूपए किलो चावल की योजना का क्रियान्वयन सफलता से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिला ऋषि और कृषि संस्कृति के साथ औद्योगिक संभावनाओं का संगम हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गरीबों और किसानों सहित उन मेहनतकश श्रमवीरों के लिए भी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जिनके परिश्रम से बड़ी-बड़ी अट्टालिकाएं और चमचमाती सड़कें तैयार होती हैं। श्रमिकों के लिए 250 करोड़ रूपए की योजना बनाई गई हैं। सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सभी वर्गों को जोड़ने का काम किया है। मुख्यमंत्री सौभाग्य योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि अगले चार माह में हर घर और हर मजरों-टोलों में बिजली कनेक्शन दे दिए जाएंगे। उन्होंने सूचना क्रांति योजना और प्रधानमंत्री की आयुष्मान भारत योजना की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों के सिंचाई पम्पों को बिजली देने के लिए एक लाख रूपए का अनुदान फिर से प्रारंभ कर दिया है। किसानों को एक से ज्यादा सिंचाई पम्पों और पांच हॉर्स पावर तक के सिंचाई पम्पों पर भी फ्लैट रेट में बिजली के बिल का भुगतान करने की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *