तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रोकी गयी केदारनाथ यात्रा

रुद्रप्रयाग ,18 अगस्त (आरएनएस)। भारी बारिश के चलते रविवार को प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए केदारनाथ यात्रा रोक दी। सोनप्रयाग से भेजे गए यात्रियों को भी गौरीकुंड में सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई। गौरीकुंड से आगे किसी भी यात्री को जाने की अनुमति नहीं दी गई। मौसम ठीक होने पर ही यात्रियों को आगे भेजा जाएगा। वहीं केदारनाथ धाम में यात्री न होने से दिनभर सन्नाटा रहा।बीती रात से जिलेभर में भारी बारिश जारी है। रविवार को भी सुबह से बारिश के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त रहा। केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर कई जगहों पर मलबा आया है जबकि रामबाड़ा में एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया। पैदल मार्ग पर बड़ी मात्रा में पानी बहने लगा, जिससे आवाजाही करना कठिन हो गया। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा रोकने के निर्देश दिए। हालांकि सुबह 8 बजे सोनप्रयाग से 230 यात्रियों को आगे भेजा गया, किंतु गौरीकुंड में सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें यहीं रोक दिया गया। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने सभी पड़ावों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और अन्य स्टाफ को सर्तक रहते हुए यात्रियों की सुरक्षा में उन्हें मौसम के अनुसार यात्रा संचालित के निर्देश दिए। एसडीआरएफ को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। प्रशासन और पुलिस के साथ ही एसडीआरएफ को यात्रा मार्ग पर मौसम खराब होते ही यात्रियों को सुरक्षित ठिकानों पर ठहराने के लिए निर्देशित किया गया है। इधर केदारनाथ धाम में मंदाकिनी का जल स्तर बढऩे से गरुड़चट्टी जाने का पुल पर भी पानी छूने लगा जिससे यहां आवाजाही रोक दी गई। मंदाकिनी के जल स्तर को देखते हुए केदारनाथ में तीर्थयात्री और स्थानीय लोगों को नदी किनारे न जाने की सलाह दी गई। केदारनाथ में तीर्थपुरोहित, व्यापारी और स्थानीय लोग बारिश के चलते दिनभर कमरों में ही दुबके रहे। इधर केदारनाथ में रविवार को तीर्थयात्री न होने से सन्नाटा छाया गया। सुबह सुबह यहां करीब 30 से 50 यात्रियों ने दर्शन किए, वह भी दोपहर तक सुरक्षित पड़ावों पर लौट गए। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि बारिश कम होने के साथ ही मार्ग को देखते हुए यात्रा संचालित कर दी जाएगी।
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