रक्षामंत्री राजनाथ और मोजाम्बिक के गृह मंत्री ने दो समझौतों पर किये हस्ताक्षर

नईदिल्ली,30 जुलाई (आरएनएस)। मोजाम्बिक में उच्चस्तरीय बैठकें जारी रखते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज मोजाम्बिक की राजधानी मापूतो में वहां के गृह मंत्री जाइम बेसिलियो मोंटेइरो के साथ विचार-विमर्श किया।
विचार-विमर्श के बाद, रक्षा मंत्री ने गृह मंत्री को 44 एसयूवी उपहार में दीं। उम्मीद है कि ये एसयूवी मोजाम्बिक के पुलिस बल की रक्षा और सुरक्षा मजबूत करेंगी। एसयूवी सौंपने के लिए आयोजित समारोह के दौरान मोंटेइरो ने भारत द्वारा राष्ट्रीय अपराध जांच एजेंसी की सहायता के प्रति आभार व्यक्त किया।
रक्षा मंत्री ने सोमवार को मोजाम्बिक के प्रधानमंत्री कार्लोस एगोस्तिन्हो दो रोसारियो से मुलाकात की थी। बातचीत के दौरान मोजाम्बिक के प्रधानमंत्री ने तूफान आईडीएआई के बाद भारत द्वारा समय पर बहुमूल्य सहायता प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया। मोजाम्बिक ने जोर देकर कहा कि भारत ने संकट की घड़ी में सबसे पहले उसका साथ दिया।
राजनाथ सिंह ने विदेश मंत्री जोस पचेको से भी भेंट की। उन्होंने चौथे संयुक्त आयोग की बैठक में भाग लेने के लिए पिछले वर्ष की अपनी भारत यात्रा को याद किया और दोनों देशों के बीच राजनीतिक सहयोग बढ़ाने पर संतोष व्यक्त किया।
रक्षा मंत्री की यात्रा के दौरान भारत और मोजाम्बिक ने दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। इनमें नौवहन के क्षेत्र में जानकारी के आदान-प्रदान और हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में समझौता शामिल है, जिससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और मजबूत होगा तथा इसके परिणामस्वरूप हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा में बढ़ोतरी होगी।
मोजाम्बिक के रक्षा मंत्री अतनासियो सल्वाडोर मितुमुके ने राजनाथ सिंह के सम्मान में रात्रि भोज दिया। मोजाम्बिक आतंकवाद और कट्टरपंथ की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए भारत का सहयोग चाहता है। राजनाथ सिंह ने सहयोग देने का आश्वासन दिया और इस संबंध में मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मोजाम्बिक के नेताओं के साथ बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने द्विपक्षीय संबंधों के बारे में बातचीत की। इनमें दोनों सरकारों के बीच शानदार संबंधों, मजबूत व्यावसायिक आदान-प्रदान, विकास साझेदारी और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क स्थापित करना शामिल है।
राजनाथ सिंह के साथ रक्षा सचिव, महानिदेशक, तटरक्षक और रक्षा तथा विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों सहित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधमंडल गया था। रक्षा मंत्री 20-30 जुलाई तक की अपनी सफल यात्रा के बाद मंगलवार रात स्वदेश लौटेंगे। उनकी यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है।
००

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *