अडानी को खदान देने एनएमडीसी ने काट डाले 3 हजार पेड़

जगदलपुर, 16 जून (आरएनएस)। अडानी समूह को दी जाने वाली बैलाडीला की पहाड़ी निक्षेप क्रमाक-13 के पहुंचमार्ग के लिए पहाड़ी पर रास्ता बनाने के नाम पर बिना अनुमति लिए और बिना वन विभाग की जानकारी के 3000 से अधिक पड़ों को काटकर एक ओर जहां बस्तर के पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया वहीं पर्यावरण बिगाडऩे में एनएमडीसी की भूमिका और भी अधिक संदिग्ध पाई गई।
जानकारी के अनुसार आज भी इतनी अधिक संख्या में पेड़ों की कटाई हुई और इनमें से कई पेड़ों को जला भी दिया गया। पूरे क्षेत्र में पहाड़ी पर ठूंट पड़े दिखाई पड़ते हैं और अपनी बरबादी की कहानी कहते हैं। जबकि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई होना निश्चित रूप से वन विभाग की मिलीभगत से संभव नहीं हो सकती।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में इस पहाड़ी पर जाने के लिए सड़क बनाने वन विभाग ने अपनी असमर्थता कटाई को लेकर जताई थी और शासन को इसकी सुचना भी दी थी। इसपर वन विभाग की अनुमति लिये बिना एनएमडीसी ने स्थानीय स्तर पर एक ठेकेदार की नियुक्ति कर पेड़ों की कटाई करवाई थी। इस संबंध में यह भी उल्लेखनीय है कि गत 11 जनवरी को 2018 को शासन द्वारा वन विभाग को निर्देशित किया गया था कि पहाड़ी पर जाने के लिए सड़क बनाने पेड़ों और 20-20 मीटर पेड़ों की कटाई कराई जाये इसके बाद वनविभाग ने संवेदनशीलता का हवाला देते हुए पेड़ों की कटाई में अपनी असमर्थता जताई थी।
इस संबंध में वनमंडलाधिकारी रमेश जांगड़े ने बताया कि समूचे प्रकरण की जांच चल रही है। कटे हुये पेड़ों की संख्या बता नहीं सकते लेकिन एनएमडीसी ने ये पेड़ कटाये हैं। वन अधिनियम के धाराओं के तहत प्रकरण पर समुचित कार्रवाई होगी।

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