सिक्किम के राज्यपाल ने की केन्द्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात

नईदिल्ली,14 जून (आरएनएस)। सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने शुक्रवार को केंद्रीय पूर्वोत्तर विकास मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की और उन्हें लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए पूर्वोत्तर विकास मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने पर बधाई दी।
गंगा प्रसाद ने पूर्वोत्तर विकास मंत्री को सिक्किम के हाल के राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में बताया। बैठक के दौरान, राज्यपाल ने पूर्वोत्तर विकास मंत्री के साथ सिक्किम में नए खुले प्योंग हवाई अड्डे के मुद्दे को भी उठाया, जिसे अधिक कार्यात्मक और उपयोगी बनाने के लिए उनके अनुसार और अधिक विस्तार की आवश्यकता है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यपाल को बताया कि सिक्किम को लगभग 40 वर्षों के बाद अपना पहला हवाई अड्डा मिला है और वह भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत हस्तक्षेप से, जिन्होंने राज्य के अधिकारियों साथ अपनी साप्ताहिक प्रगति वीडियो कांफ्रेंस बैठकों के माध्यम से इस परियोजना पर व्यक्तिगत रूप से अनुसरण किया। उन्होंने राज्यपाल को आश्वासन दिया कि वह पाक्योंग हवाई अड्डे से संबंधित शेष मुद्दों पर विमानन मंत्रालय के साथ चर्चा करेंगे।
राज्यपाल ने पिछले कुछ वर्षों से राज्य में पर्यटकों की शानदार प्रतिक्रियाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि अभूतपूर्व पर्यटन प्रवाह से सृजित आय का उपयोग बेहतर ढंग से किया जाता है, तो वह राज्य में कई विकासात्मक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण बदलावकारी साबित हो सकती है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने पूर्वोत्तर विकास मंत्रालय से सिक्किम को हर संभव सहायता का आश्वासन देते हुए कहा, राज्य में रेल-नेटवर्क के विस्तार के लिए रेलवे अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है।
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(महत्वपूर्ण)(नईदिल्ली)हड़ताल विरोध का बेहतर तरीका नहीं:हर्षवर्धन
0-मरीजों और डॉक्टरों से संयम बरतने की अपील
नईदिल्ली,14 जून (आरएनएस)। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स), सफदरजंग अस्पताल, डॉ. राममनोहर अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों के एसोसिएशन,युनाइटेड रेजिडेंट एंड डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया(यूआरडीए)तथा फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एफओआरडीए) के शिष्टमंडल से मिले। शिष्टमंडल ने पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के साथ हुई हिंसा की घटनाओं के बारे में डॉक्टर हर्षवर्धन को बताया। डॉ. हर्षवर्धन ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा ‘मैं डॉक्टरों के साथ होने वाले अभद्र व्यवहार तथा उन पर हमले की घोर निंदा करता हूं, मैं इस बारे में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से विचार विमर्श करूंगा।’ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लिखे पत्र में आंदोलन को सद्भावपूर्ण रूप से समाप्त करने और डॉक्टरों को सुरक्षित कामकाजी माहौल सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की हड़ताल से देश भर में मरीजो को कठिनाई उठानी पड़ रही है और स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वह अस्पतालों को सुरक्षा प्रदान करने के बारे में गृहमंत्रालय से बातचीत करेंगे और इस विषय में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और स्वास्थ्य मंत्रियों से भी चर्चा करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को टाला जा सके और डॉक्टरों को सुरक्षित कामकाजी माहौल प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्यों को सभी आवश्यक एहतियाती उपाय करने चाहिए ताकि माहौल शांतिपूर्ण रहे और डॉक्टर तथा चिकित्सा संस्थान हिंसा और हमले के भय के बिना अपना कर्तव्य निभा सकें। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य डॉक्टरों और मरीजों के लिए सुरक्षित तथा सद्भाव पूर्ण माहौल सुनिश्चित करेंगे।
सभी डॉक्टरों विशेषकर पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों से अपील करते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि डॉक्टरों को साधारण और सांकेतिक तरीके से विरोध करना चाहिए। एक चिकित्सा पेशेवर के रूप में उनका कर्तव्य मरीजों के अधिकारों की रक्षा करना है। हड़ताल विरोध का बेहतर तरीका नहीं है। मरीजों को तत्काल और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
डॉ. हर्षवर्धन ने मरीजों तथा उनके परिवार के सदस्यों से भी आग्रह किया कि वे डॉक्टरों को काम करने और पेशेवर लक्ष्यों की प्राप्ति में समर्थन दें और हिंसा का सहारा न लें। उन्होंने कहा कि डॉक्टर समाज के अभिन्न अंग हैं और अक्सर तनावपूर्ण तथा कठिन स्थितियों में कार्य करते हैं। उन्होंने मरीजों और उनकी देखभाल करने वालों से संयम बरतने को कहा।
डॉ. हर्षवर्धन ने राज्य सरकारों से अपील की कि हिंसा की घटनाओं की जांच त्वरित रूप से की जानी चाहिए ताकि समयबद्ध रूप में अपराधियों पर मुकदमा चलाया जा सके।
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