गैर-संक्रामक रोगों के रोकथाम पर काम करने की जरुरत: डॉ. हर्षवर्धन

नईदिल्ली,12 जून (आरएनएस)। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कैंसर, मधुमेह, हृदय-रोगों और दिल के दौरे की रोकथाम और नियंत्रण के उद्देश्य से राष्ट्रीय कार्यक्रम की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि गैर-संक्रामक रोगों की रोकथाम के काम में तत्काल तेजी लाने की जरूरत है। उन्होंने देश के हृदय-रोग विशेषज्ञों का आह्वान करते हुए कहा कि वे आगे आएं और इस जन आंदोलन का हिस्सा बनें, जिससे हम देश में गैर-संक्रामक रोगों पर सफलतापूर्वक नियंत्रण कायम कर पाएं। इस बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सचिव श्रीमती प्रीति सूदन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
गैर-संक्रामक रोग नियंत्रण कार्यक्रम का जायजा लेते हुए, डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि इन रोगों के नियंत्रण के उपायों में तेजी लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नई चुनौतियों का तकाजा है कि हम नई रणनीतियां तैयार करें और नई अवधारणाओं तथा खोजों को बढ़ावा दें तथा उनका लाभ लें, जिससे हमारी सेवाओं से कोई भी वंचित न रहे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने गैर-संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए एक समेकित एवं बहुक्षेत्रीय समन्वय, स्वास्थ्य क्षेत्र को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यदि अस्वस्थ जीवनशैली के कुप्रभावों के बारे में प्रत्येक व्यक्ति जागरूक बने, तो आधी लड़ाई हम जीत लेते हैं।
मंत्रालय ने सरकार के विभिन्न गैर-संक्रामक रोग क्लीनिकों में गैर-संक्रामक रोगों की जांच के संचालन के बारे में प्रस्तुति की। डॉ. हर्ष वर्धन ने सराहना करते हुए कहा कि देश में गैर-संक्रामक रोगों के लिए 6.53 करोड़ से भी अधिक लोगों की जांच की गई है।
राष्ट्रीय अभिघात (ट्रॉमा) एवं जलन रोकथाम एवं प्रबंधन कार्यक्रम (एनपीपीएमटी एंड बीआई) की समीक्षा करते हुए, डॉ. वर्धन ने कहा कि अतिरिक्त क्षमता तैयार करना और लोगों के बीच सड़क सुरक्षा से जुड़े क्रियाकलापों के बारे में जानकारी प्रदान करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने का सुझाव भी दिया और सड़क सुरक्षा के लिए एक कार्य योजना विकसित करने पर जोर दिया।
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