हरियाणा की हिसार सीट से चौधरी बीरेन्द्र के बेटे को टिकट

नई दिल्ली ,14 अपै्रल (आरएनएस)। भाजपा की लोकसभा चुनाव के लिए रविवार को जारी की गई उम्मीदवारों की सूची में हरियाणा के हिसार और रोहतक के प्रत्याशियों का भी ऐलान कर दिया गया है। भाजपा की लोकसभा उम्मीदवारों और बंगाल की विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए एक उम्मीदवार का एलान किया गया है।
लोकसभा चुनाव के लएि भाजपा की जारी उम्मीदवारों की सूची में हरियाणा की हिसार लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेन्द्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह को टिकट दिया गया है, जो एक आईएएस अधिकारी हैं और हाल तक हेफेड के एमडी थे। राजनीतिक पारी की शुरूआत के लिए उन्होंने स्वैच्छिक अवकाश ले लिया है। महज 26 साल की उम्र में आईएएस बनने वाले बृजेंद्र चंडीगढ़, पंचकूला और फरीदाबाद में डीसी भी रह चुके हैं। हरियाणा की राजनीति का बड़ा नाम और बड़ा चेहरा, चौधरी बीरेंद्र सिंह ने 2014 में कांग्रेस से 42 साल पुराना रिश्ता तोड़ लिया था और भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया।
उधर दौसा पर टिकट को लेकर पार्टी भारी असमंजस से जूझ रही थी। इससे पहले राजस्थान की 25 में से 24 सीटों पर उम्मीदवारों का एलान हो चुका था। कुछ दिनों पहले जसकौर का नाम चर्चा में आया लेकिन उतनी ही तेजी से ये एलान भी हुआ कि पार्टी ने अभी कोई नाम फाइनल नहीं किया है। 1999 में सवाई माधोपुर से जीत कर लोकसभा पहुंचने वाली मीणा को 2003 में वाजपेयी सरकार में मंत्री बनने का मौका भी मिला। इस सीट से कांग्रेस ने सविता मीणा को टिकट दिया है। यानी मुकाबला महिला बनाम महिला का होगा।
उम्मीदवारों के नाम
हिसार- बृजेंद्र सिंह
रोहतक- अरविंद शर्मा
खजुराहो- बिष्णु दत्त शर्मा
रतलाम- जी एस दामोर
धार- छतर सिंह दरबार
दौसा- जसकौर मीणा
पश्चिम बंगाल की उलबेरिया विधानसभा सीट- प्रत्युष कुमार मंडल
बीरेंद्र सिंह ने की इस्तीफे की पेशकश
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए टिकट मिलते ही बृजेंद्र सिंह ने वीआरएस मांग लिया है। वहीं पिता बीरेंद्र सिंह ने भी इस्तीफा देने की पेशकश कर दी है। बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह को भाजपा की ओर से हिसार से मैदान में उतारा गया है। बृजेंद्र आईएएस ऑफिसर हैं। चुनाव टिकट मिलते ही बृजेंद्र ने वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया है। वहीं बृजेंद्र के पिता केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने भी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष इस्तीफे की पेशकश कर दी है। उन्होंने राजनीति ने रिटायर होने का फैसला लिया है और इसके लिए वे अपने सभी पदों से इस्तीफा देना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने भाजपा हाईकमान को पत्र लिख दिया है। कहा जा रहा है कि परिवारवाद के आरोपों से बचने के लिए बीरेंद्र सिंह ने इस्तीफे का दांव चला है। बीरेंद्र सिंह इस समय कैबिनेट में मंत्री और राज्यसभा सदस्य हैं। इस्तीफे के पेशकश करते हुए चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जब भाजपा चुनाव के लिए मैदान में उतरती है, तो वह राजवंशीय शासन का विरोध करती है। इसलिए मैंने सोचा कि अगर मेरे बेटे बृजेंद्र को चुनाव टिकट मिलता है तो मैं राज्यसभा और केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दूंगा। साथ ही राजनीति से रिटायरमेंट ले लूंगा। अब टिकट मिल गया है, इसलिए मैंने अमित शाह को पत्र लिख दिया है। अब पार्टी जो फैसला करे, मैं तैयार हूं।
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