आग्रह नहीं आदेश है, चुनाव से पहले बनाएं राम मंदिर

0-धर्मादेश में कार्यक्रम में प्रस्ताव पास
नई दिल्ली ,04 नवंबर (आरएनएस)। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित धर्मादेश कार्यक्रम में स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि राम मंदिर या तो अध्यादेश के जरिए बन सकता है या फिर सौहार्दपूर्ण माहौल से बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब हालात काबू से बाहर हो रहे हैं और हमारा सब्र टूट रहा है।
दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में रविवार को संपन्न हुए दो दिवसीय धर्मादेश कार्यक्रम में देशभर से आए साधु-संतों ने राम मंदिर निर्माण के लिए प्रस्ताव पास किया। इस मौके पर संत समाज ने कहा कि अब राम मंदिर के निर्माण को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा, इसके लिए सरकार जल्द से जल्द अध्यादेश लेकर आए या फिर कानून बनाए। अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेन्द्र नंद सरस्वती ने राम मंदिर निर्माण की बात पर कहा कि यह कोई आग्रह नहीं बल्कि आदेश है। कानून लाया जाए और चुनाव से पहले राम मंदिर के निर्माण का काम पूरा हो. अगर यह नहीं किया गया तो हमें हमारा रास्ता पता है। संतों ने कहा कि इतिहास में पहले भी बहुत कुछ हो चुका है, अब मंदिर निर्माण होकर रहेगा। इस कार्यक्रम में पहुंचे स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि राम मंदिर या तो अध्यादेश के जरिए बन सकता है या फिर सौहार्दपूर्ण माहौल से बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब हालात काबू से बाहर हो रहे हैं और हमारा सब्र टूट रहा है।
चुनाव से पहले बने मंदिर
स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि हम अयोध्या में राम मंदिर चाहते हैं। जब सुप्रीम कोर्ट एक आतंकी के लिए आधी रात को खुल सकता है तो फिर धार्मिक आस्था का मामला क्यों टाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोर्ट का सम्मान है लेकिन राम मंदिर हमारा अधिकार है। स्वामी ने कहा कि अगर सरकार 2019 चुनाव से पहले राम मंदिर बनवाने में नाकाम रहती है तो भगवान उन्हें सजा देगा. उन्होंने कहा कि कोई इसे लेकर गंभीर हो या नहीं लेकिन संत समाज मंदिर को लेकर गंभीर है।
राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बने: संत समिति
अखिल भारतीय संत समिति ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के मसले पर अदालत के फैसले का वह इंतजार नहीं कर सकती है, इसलिए केंद्र सरकार को मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाना चाहिए। इससे एक दिन पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए 1992 की तरह फिर नया जनांदोलन छेडऩे का संकेत दिया।
रोहिंग्या मुसलमान देश से बाहर हों
धर्मादेश के मंच से संतों ने लोगों से मंदिर निर्माण के लिए एकजुट होकर आने का आह्वान किया. इसके अलावा संतों ने कहा कि बांग्लादेश सीमा पर तारबंदी की जाए ताकि अवैध घुसपैठियों के प्रवेश पर पाबंदी लग सके. रोहिंग्या मुस्लमानों को देश से बाहर किया जाए और असम जैसा एनआरसी पूरे देश के लिए लागू हो।
मंदिर निर्माण को लेकर रणनीति बनाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित दो दिवसीय धर्मादेश सम्मेलन रविवार को संपन्न हुआ। इस धर्मादेश में 3,000 से अधिक साधुओं ने हिस्सा लिया. समिति ने कहा कि देश में प्रबल जन-भावना है कि मंदिर का निर्माण शीघ्र हो। समिति ने कांग्रेस समेत सेक्युलर दलों की आलोचना करते हुए कहा कि वे मंदिर निर्माण की राह में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं. सर्वोच्च न्यायालय ने 29 अक्टूबर को अयोध्या विवाद मामले की सुनवाई अगले साल जनवरी के पहले सप्ताह तक के लिए टाल दिया।
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