विकास की गति के साथ एकता एवं सामाजिक सशक्तिकरण बढ़ा: मोदी

नई दिल्ली,30 नवंबर (आरएनएस)। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल ने 30 नवंबर को छह महीने पूरे कर लिए हैं। इसे लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो ट्वीट किया। उन्होने कहा कि सरकार ने कई फैसले लिए हैं, जिन्होंने देश के विकास को गति दी है, सामाजिक सशक्तिकरण को और एकता को बढ़ाया है।
प्रधानमंत्री ने शनिवार को मोदी-2 सरकार के पहले के छह महीने पूरे पर कहा कि श्सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वासÓ से प्रेरित होकर और 130 करोड़ भारतीयों के आशीर्वाद से राजग सरकार ने भारत को विकसित करने और नए सिरे से 130 करोड़ भारतीयों के जीवन को सशक्त बनाने की दिशा में काम करना जारी रखा है। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने के दौरान हमने कई निर्णय लिए हैं, जिन्होंने विकास को गति दी है, सामाजिक सशक्तिकरण को गति दी है और भारत की एकता को बढ़ाया है। हम आने वाले समय में और भी अधिक काम करने की आकांक्षा रखते हैं ताकि हम एक समृद्ध और प्रगतिशील न्यू इंडिया का निर्माण कर सकें।
मोदी सरकार के 6 महीने में रचा इतिहास
मोदी-2 सरकार के पहले के छह महीने में देश की एकता और अखंडता के लिए तीन महत्वपूर्ण काम ऐतिहासिक कदम का संकेत दे रहे हैं, अब मोदी सरकार के सामने नागरिकता संहिता लागू करने का बड़ा काम है, जिसके लिए संसद के मौजूदा सदन में कांग्रेस व कुछ अन्य विपक्षी दलों के विरोध के सामने यह विधेयक पारित कराना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। मोदी सरकार अपने इस फैसले को सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह तक खुद अपने भाषणों में इस फैसले का जिक्र करना नहीं भूलते। दोनों नेताओं ने महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों में कश्मीर को ही सबसे आगे रखा और प्रमुख चुनावी एजेंडे के तौर पर पेश किया।
तीन तलाक के खिलाफ कानून
महाराष्ट्र के इस ताजा झटके से थोड़ा पहले चलें तो मोदी सरकार के 6 महीने कई बड़े फैसलों के गवाह बने। दूसरी बार सत्ता में आते ही मोदी सरकार ने सबसे पहले मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात दिलाने का कदम उठाया। श्मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2019श् को लोकसभा और राज्यसभा से पारित कराया गया। राज्यसभा में बहुमत न होने के बाद भी मोदी सरकार इस कानून को अमलीजामा पहनाने में कामयाब रही।.
कश्मीर से हटाई गई धारा 370
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 एक ऐसा मुद्दा था, जो हमेशा से बीजेपी के चुनावी घोषणा पत्र का हिस्सा रहा। साल-दर साल इस पर चर्चा होती रही और मांग होती रही कि कश्मीर से कब यह धारा हटाई जाएगी। गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में खुद कश्मीर से धारा 370 के हटने का ऐलान किया। सिर्फ इतना ही नहीं, कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में बांट दिया गया।
राम मंदिर पर आया फैसला
देश के सबसे पुराने केस यानी राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद का भी समाधान हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के हक में विवादित जमीन देने का फैसला सुनाया, जिसके बाद अब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तैयारियों पर चर्चा चल रही है। हालांकि, राम मंदिर निर्माण का रास्ता सुप्रीम कोर्ट के आदेश से साफ हो पाया है, लेकिन इस विवाद का निपटारा मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के इन 6 महीनों के दौरान ही हो गया है।
असम में एनआरसी लागू
असम में एनआरसी लागू करना भी मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक बड़ा निर्णय है। सिर्फ इतना ही नहीं, इसके बाद सरकार पूरे देश में एनआरसी लाने की तैयारी कर रही है। गृहमंत्री अमित शाह खुद संसद में इस बात का ऐलान कर चुके हैं। मौजूदा शीतकालीन सत्र में एक सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एनआरसी की प्रक्रिया की निगरानी की जाती है और एनआरसी में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसमें ऐसा कहा जाए कि इसमें दूसरे धर्म के लोगों को शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पूरे देश में लागू किया जाएगा और किसी को भी इससे डरने की जरूरत नहीं है।
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