छत्तीसगढ़ के कारीगरों का दिल्ली में नजर आएगा हुनर

नई दिल्ली,23 अक्टूबर (आरएनएस)। यहां नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन में बिलासा हैंडलूम का उद्घाटन करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अब दिल्ली में भी छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प की झलक और कारीगरों का हुनर नजर आएगा।
बघेल ने कहा कि आंध्रप्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ ही ऐसा राज्य है, जिसने देश की राजधानी में अपने राज्य के भवन में कारीगरों के हुनर को पहचान दिलाने के लिए हैंडलूम उत्पादों का शोरूम खोला है। यहाँ से दिल्लीवासियों को छत्तीसगढ़ के हैंडलूम उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। हैंडलूम उत्पादों की मांग को देखते हुये देश की राजधानी में हथकरघा एम्पोरिएम खोलने की काफी समय से जरूरत महसूस की जा रही थी, जिसके बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने ये पहल की है। छत्तीसगढ़ भवन में अब बिलासा हैंडलूम के खुलने से छत्तीसगढ़ की कला की बेहतर मार्केटिंग और प्रचार प्रसार भी हो सकेगा। बिलासा हैंडलूम में छत्तीसगढ़ की खास पहचान कोसा सिल्क साड़ी, मैनपाट के तिब्बतियों के बनाए कालीन, ऊनी कपड़े उपलब्ध हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के कई हस्तशिल्प धातुकला बेलमेटल, टेराकोटा, कोसा सिल्क साडिय़ों का काफी क्रेज देखा जाता है। बिलासा हैंडलूम के खुलने से अब लोगों को सारे उत्पाद एक जगह ही मिल सकेंगे। शुभारंभ अवसर पर मौजूद मोतीबाग के कमलेश सिंह का कहना है कि यह एक अच्छी पहल है। छत्तीसगढ़ की हैंड क्राफ्ट और हैंडलूम की वस्तुएं बहुत पसंद की जाती है, खासकर बेलमेटल से बनी मूर्तियाँ और सिल्क की साडिय़ाँ। चाणक्यपुरी की रहने वाली सारिका भारद्वाज का कहना है कि महिलाओं में कोसा सिल्क साडिय़ों का खासा क्रेज होता है, छत्तीसगढ़ की साडिय़ाँ भी अब आसानी से मिल सकेगी।
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